फिर समय साथ होगा फिर आस होगी फिर समय साथ होगा फिर आस होगी
मैं इस धरती की अद्भुत रचना हूं,मैं नारी हूं...... मैं इस धरती की अद्भुत रचना हूं,मैं नारी हूं......
घर में घर में
मध्यांतर में मध्यांतर में
शीशे में शीशे में
क्या रिश्ता उससे मेरा है क्यूँ याद आती हर पल उसकी थम जाता दिल मेरा हैहर बातों में याद उसकी सुख दुःख ... क्या रिश्ता उससे मेरा है क्यूँ याद आती हर पल उसकी थम जाता दिल मेरा हैहर बातों मे...